कौन होता है लोन डिफॉल्टर? जानिए लोन की EMI का भुगतान न करने पर क्या होगा

By | October 6, 2021

कौन होता है लोन डिफॉल्टर? जानिए लोन की EMI का भुगतान न करने पर क्या होगा – दोस्तों आज हम आपको बताएंगे कि कौन होता है लोन डिफॉल्टर, और ईएमआई का भुगतान न करने पर क्या होता है। दोस्तों मान लीजिए जब भी आप किसी से लोन को लेते होतो। आप सहमति के अनुसार ही लोन को चुकाने के लिए खुद कानूनी अनुबंध करते हो भले ही आपका उस लोन को चुकाने का कोई इरादा हो या ना हो।

यह भी हो सकता है कि आप उस लोन को समय पर ना चुका पाए। क्योंकि काफी लोग अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में काफी फंसे रहते हैं। जिसकी वजह से वह लोन का रीपेमेंट करना भूल जाते हैं। दोस्तों अगर आप ऐसे ही एक के बाद एक रीपेमेंट भूल जाते होतो। इससे पहले कि आप यहां पर कुछ भी समझे उससे पहले ही आप पर्सनल लोन डिफॉल्टर के तौर पर लेबल हो जाते हैं। इसी के बारे में आज हम आपको पूरी जानकारी देने वाले हैं।

लोन डिफॉल्टर कौन है?

दोस्तों अगर यहां पर आप एक निश्चित तारीख तक अपना भुगतान करना भूल जाते होतो। आप एक डिफॉल्टर नहीं बन सकते लेकिन अगर आप यहां पर एक के बाद एक EMI का भुगतान नहीं करते होतो। आप को लोन देने वाले आपको डिफॉल्टर के रूप में रिपोर्ट कर देते हैं। उनमें से कुछ ऐसे भी होते हैं, जो आपको भुगतान करने के लिए कुछ समय भी देते हैं। साथ ही यहां पर आप से लेट फीस के रूप में भी एक निश्चित राशि को लिया जाता है। यहां पर आपको एक अपना क्रेडिट स्टेटस को सुधारने का मौका दिया जाता है।

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आपका क्रेडिट स्कोर प्रभावित होगा

दोस्तों सभी बैंकों और यहां पर एनबीएफसी से यही उम्मीद रहती है, कि वह भुगतान ना होने पर उसकी रिपोर्ट को सिविल और इक्विफैक्स जैसे क्रेडिट ब्यूरो को दे-दे। क्योंकि यहां पर यह रिपोर्ट होने के बाद आपके सिविल स्कोर को काफी गंभीर रूप से कम कर देते हैं। इससे आपके भविष्य में आप किसी भी प्रकार का क्रेडिट लोन प्राप्त नहीं कर पाते।

आपके सह-हस्ताक्षरकर्ता पर असर पड़ेगा

अगर आप पर्सनल लोन में सह-हस्ताक्षर था, या फिर गारंटर है। तो आप समय पर भुगतान ना होने पर आपके क्रेडिट स्कोर पर भी उसका काफी प्रभाव पड़ता है। इसके अलावा भी उनको लोन राशि की वसूली के प्रयास की कड़ी में लोन देने वाले के और रिकवरी एजेंट की आपको लगातार कॉल आते रहते हैं।

आपकी आर्थिक चिंताएं बढ़ेंगी

कानूनी लागत, पेनल्टी, लेट फीस जैसे खर्चे आपके अनसैटल्ड लोन के बैलेंस के अंदर जुड़ जाते हैं। जिससे कि आपने जो लोन लिया होता है, उसके मुकाबले में भुगतान की जाने वाली राशि काफी ज्यादा हो जाती है।

बैंक या फिर एनबीएफसी कानूनी कार्रवाई को कर सकते हैं

दोस्तों अगर आपने जिस से भी लोन लिया है, अगर वह संस्था आपसे लोन का भुगतान करने में असफल होती है, या नाकाम रहती है। तो वह धन को वसूल करने के लिए फिर कानून की सहायता लेती है। वह कानूनी रूप से आगे बढ़ने का निर्णय लेती है।

डिफॉल्टर के रूप में आप अपने अधिकारों को जानें

दोस्तों बैंक और बाकी अन्य वित्तीय संस्थान सभी भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा शासित होते हैं। वह अपने सभी ग्राहकों के प्रति प्रतिबद्धता के कोड के हिस्से के तौर पर वह बेस्ट प्रैक्टिसेस के लिए समर्पित होते हैं। इस कारण से ही वह कानून के अनुसार बैंक या फिर बैंकों द्वारा चुने गए रिकवरी एजेंट आपको बिल्कुल भी धमका नहीं सकते हैं और ना ही आपको परेशान कर सकते हैं।

दोस्तों पर्सनल लोन एक पूरी तरीके से सुरक्षित लोन होता है। यह आपकी चुकाने की क्षमता को देखते हुए ही आपको दिया जाता है। इस वजह से ही सहमति के अनुसार ही लोन चुकाना आप का भी दायित्व होता है। ऐसा नहीं करने पर वह आपके क्रेडिट हेल्थ और फाइनैंशल लाइफ पर काफी नकारात्मक परिणाम हो सकते हैं।

 

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