बैंक डिफॉल्ट होने या डूब जाने पर कितनी रकम वापस मिलती है?

By | August 24, 2021

बैंक डिफॉल्ट होने या डूब जाने पर कितनी रकम वापस मिलती है? – यदि कोई बैंक आरबीआई द्वारा बनाए गए नियमों का पालन नहीं करता है तो उस पर कड़ी कार्यवाही की जाती है। आरबीआई ने पिछले कुछ सालों में नियमों का पालन नहीं करने पर कई बैंकों का लाइसेंस रद्द कर दिया है।

ऐसे में उस बैंक के ग्राहकों के मन में यह सवाल होता है कि यदि किसी कारणवश उनका बैंक डिफॉल्ट हो गया या डूब गया तो उन्हें कितनी रकम वापस मिलती है? यदि आपका भी ऐसे किसी बैंक में खाता है जो डिफॉल्ट हो गया है या आरबीआई द्वारा उसका लाइसेंस रद्द कर दिया गया है तो यह आर्टिकल आपके बहुत ही काम आ सकता है।

हाल ही में भारतीय रिजर्व बैंक ने को-ऑपरेटिव राबोबैंक यूए पर 10000000 रुपए का जुर्माना लगाया है। ऐसा इसलिए क्योंकि यह बैंक आरबीआई द्वारा बनाए गए नियमों का पालन नहीं कर रही थी। इससे पहले पंजाब महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव बैंक और लक्ष्मी विलास बैंक डूब जाने के कारण उनके ग्राहकों को काफी समस्या हुई थी।

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वर्तमान समय में देश के कई को-ऑपरेटिव बैंकों को आर्थिक संकट से गुजरना पड़ रहा है ऐसी स्थिति में ग्राहकों के मन में असमंजस की स्थिति बनी रहती है कि उनका रकम सुरक्षित है या नहीं।

बैंक डिफॉल्ट होने या डूब जाने पर कितनी रकम वापस मिलती है?

आपको बता दें कि आरबीआई की सब्सिडियरी डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DICGC) द्वारा आपके द्वारा किसी बैंक में जमा की गई राशि का बीमा किया जाता है। 2020 से पहले यदि आपका बैंक किसी कारणवश डिफॉल्ट हो गया है तो DICGC द्वारा अधिकतम ₹100000 भुगतान की जाती थी। लेकिन साल 2020 में केंद्र सरकार ने डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन एक्ट में बदलाव किया और अब खाताधारकों को अधिकतम ₹500000 तक का भुगतान किया जाता है।

यानी यदि आपने किसी बैंक में ₹500000 तक जमा किया है और किसी कारणवश वह बैंक डूब जाता है या डिफॉल्ट हो जाता है तो आप को अधिकतम ₹500000 तक का भुगतान डीआईसीजीसी द्वारा किया जाता है। लेकिन यदि आपने ₹500000 से अधिक राशि जमा की है तो भी आप को अधिकतम ₹500000 तक ही भुगतान किया जाता है।

यानी ₹500000 से अधिक राशि जमा करने वाले लोगों को नुकसान झेलना पड़ता है। इसी के चलते जब कोई बैंक डूब जाता है तो उनके बड़े ग्राहक समस्याओं का सामना करने लगते हैं।

यदि बैंक के अलग-अलग ब्रांच में 5-5 लाख से रूपए जमा है तो कितनी राशि वापस मिलेगी?

बहुत सारे लोगों का यह सवाल होता है कि यदि बैंक के अलग-अलग ब्रांच में 5-5 लाख से रूपए जमा है तो कितनी राशि वापस मिलेगी? तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यदि कोई बैंक डूब गया है और आपका उस बैंक के अलग-अलग ब्रांच में अकाउंट है और सभी ब्रांच में कुल जमा की गई राशि ₹500000 से अधिक है तो भी आपको मात्र ₹500000 ही वापस मिल पाएंगे। क्योंकि डीआईसीजीसी द्वारा बैंक के एक ग्राहक का अधिकतम ₹500000 का ही बीमा किया जाता है।

पेमेंट के लिए जिम्मेदार होती है डीआईसीजीसी:

आपको बता दें कि यदि कोई बैंक संकट में होता है तो सरकार उसे डूबने से बचाने के लिए हर संभव कोशिश करती है और उसे किसी बड़े बैंक में मर्ज कर देती है। लेकिन यदि किसी कारणवश बैंक डूब जाता है तो डीआईसीजीसी इस पेमेंट के लिए जिम्मेदार होता है। यह ग्राहकों की जमा राशि का अधिकतम ₹500000 तक का बीमा करता है और इसके लिए वह बैंकों से प्रीमियम भी वसूलता है।

 

 

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