आप नहीं जानते होंगे फर्स्ट पार्टी इंश्योरेंस का मतलब, पढ़िए पूरी जानकारी

By | December 10, 2021

 फर्स्ट पार्टी इंश्योरेंस क्या है – जब भी हम कोई नया वाहन खरीदत हैं, तो इसके लिए कुछ नियम और कानून ऐसे बनाए जाते हैं, जिसका पालन करना हमें अनिवार्य होता है। ऐसा न करने पर हमें भारी जुर्माना तो भरना ही पड़ता ही है और साथ ही हमारे जीवन के लिए भी यह काफी नुकसानदेह साबित हो सकता है। आप समझ गए होंगे कि हम किस बारे में बात कर रहे हैं। दरअसल हम बात कर रहे हैं, वाहन बीमा की। दरअसल भारत में इंजन से चलने वाले किसी भी वाहन का बीमा होना अनिवार्य होता है।

जबकि हम कोई नया वाहन खरीदते हैं, तो ऐसे में उस वाहन के लिए फर्स्ट पार्टी इंश्योरेंस किया जाता है। ज्यादातर लोगों ने इसका नाम तो सुना होगा लेकिन अगर आपसे पूछा जाए कि आखिर फर्स्ट पार्टी इश्योरेंस क्या होता है और इसमें आपको क्या-क्या सुविधाएं मिलती हैं। इसके बारे में शायद ही ज्यादा लोगों को पता हो। हालांकि आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। हम इस पोस्ट के जरिए आपको इस बारे में पूरी जानकारी देने जा रहे हैं।

 फर्स्ट पार्टी इंश्योरेंस क्या है

फर्स्ट पार्टी उस व्यक्ति को कहा जाता है, जो कि अपनी गाडी के लिए बीमा खरीदता है। जबकि सेकेंड पार्टी उस बीमा कंपनी को कहते हैं, जो कि आपको बीमा का प्लान बेचती है। वहीं थर्ड पार्टी उस वाहन, व्यक्ति या संपत्ति को कहा जाता है, जिसे आपकी गाड़ी से नुकसान पहुंचता है। ऐसे में जो भी व्यक्ति फर्स्ट पार्टी इंश्योरेंस खरीदता है, उसे कोई भी दुर्घटना होने पर पूरा मुआवजा दिया जाता है। इसे ही फर्स्ट पार्टी इंश्योरेंस कहा जाता है। दरअसल वाहन बीमा में यह सुविधा आपको कॉम्प्रिहेंसिव बीमा पॉलिसी लेने पर उपलब्ध होती है। इसलिए इसे फर्स्ट पार्टी इंश्योरेंस माना जाता है।

कौन सी सुरक्षाएं होती हैं शामिल

अगर आप कोई नया वाहन लेते समय उसके लिए कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस पॉलिसी लेते हैं, तो इसमें आपको चार तरह की सुरक्षा का लाभ मिलता है। जानिए कौन सी हैं वो सुरक्षाएं-

#1 अनिवार्य व्यक्ति दुर्घटना बीमा

इस सुरक्षा में अगर गाड़ी के मालिक को वाहन चलाते समय किसी भी तरह का नुकसान पहुंचता है या फिर ज्यादा गंभीर होने पर उसकी मौत हो जाती है, तो उसका मुआवजा इस बीमा के अंतर्गत मिलता है। लेकिन यह तभी कारगर है, जब आप वाहन बीमा कराने के साथ ही 15 लाख रुपए का अनिवार्य व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा कराते हैं। इस तरह का दुर्घटना बीमा किसी भी तरह का बीमा करवाते समय लेना अब अनिवार्य हो गया है।

#2 ऐडऑन कवर या राइडर्स

कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस लेने के साथ आपको कुछ अन्य सहायक इंश्योरेंस भी लेने के विकल्प मौजूद रहते हैं। जो कि आपको ऐसे समय में मदद करते हैं, जब परिस्थितियां ठीक नहीं होते हैं। इसी कारण से इसे ऐडऑन इंश्योरेंस कहा जाता है। आपको हम बताने जा रहे हैं कि आप ऐडऑन कवर्स के जरिए किस तरह का लाभ ले सकते हैं।
इसके तहत अगर आप जीरो डेप्रिसिएशन कवर लेते हैं, तो आपको आपकी गाड़ी पुरानी होने के बावजूद उसकी कीमत में ज्यादा कटौती नहीं की जाती है। हालांकि यह सुविधा 5 साल तक की गाड़ियों के लिए उपलब्ध रहती है।

साथ ही इंजन को होने वाले नुकसान की भरपाई भी आपको एड ऑन कवर के जरिए ही मिल जाता है। रोडसाइड असिस्टेंट कवर का लाभ भी इस एडऑन कवर्स के अंतर्गत मिलता है। जैसे मान लीजिए कि आपकी गाड़ी रास्ते में कहीं खराब हो गई, तो इसे बनवाने और इसके लिए मैकेनिक का खर्च भी बीमा कंपनियों की ओर से उपलब्ध कराया जाता है।

कॉम्प्रेहेंसिव बीमा पॉलिसी लेने पर अगर आपकी गाड़ी को किसी हादसे में नुकसान होता है, तो उसका मुआवजा तो आपको मिलता ही है, साथ ही गाड़ी के ड्राइवर को चोट लगने पर उसका खर्च भी बीमा कंपनी ही उठाती है।

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#3 ओनर डैमेज कवर –

अगर आपको वाहन चलाते समय किसी हादसे का सामना करना पड़ता है, जिसमें आपके वाहन को नुकसान पहुंचता है। तो इसका मुआवजा ओन डैमेज कवर के माध्यम से मिलता है। फिर चाहे आपकी गाड़ी चोरी हो जाए या फिर आपकी गाड़ी गायब हो जाए, तो ऐसे हालात में आपको घबराने की जरूरत नहीं है। आपको आपकी गाड़ी की पूरी कीमत बीमा कंपनी की ओर से दी जाती है।

#4 थर्ड पार्टी बीमा –

किसी हादसे में अगर आपके वाहन से किसी अन्य व्यक्ति को चोट लग जाती है, या फिर उसकी मौत हो जाती है। तो बीमा कंपनी की ओर से उसे मुआवजा दिया जाता है। इसके अलावा किसी अन्य वाहन या संपत्ति को हुए नुकसान का मुआवजा भी बीमा कंपनी की ओर से दिया जाता है। इसके अलावा इन मामलों में अदालती प्रक्रिया होने पर भी बीमा कंपनियां ही उसका खर्च उठाती हैं।

 

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