लिपि क्या है- लिपि किसे कहते है

By | February 14, 2021

 लिपि किसे कहते है (Lipi kise kahate hain)

Lipi kise kahte hai

लिपि की परिभाषा:-

किसी भी भाषा के लिखावट या फिर लिखने के ढंग को लिपि कहते है। ध्वनि(आवाज) को लिखने के लिए जिन चिन्ह का उपयोग किया जाता है उसे लिपि कहते है।

लिपि की मदद से किसी भी चीजों(रामायण, महाभारत, भागवत गीता) को संग्रह किया जा सकता है।

एक लिपि मे लिखी गई पाठ को दूसरी लिपि मे बदल ते है उसको लीप्यन्तरण कहते है।

लिपि के मुख्य प्रकार(भेद)[Types of lipi in hindi]

 

(1)ब्रामही लिपि (Bramhi lipi)

(2)देवनागरी लिपि (Devnagri lipi)

(3)गुरुमुखी लिपि (Gurumukhi lipi)

(4)अरबी लिपि (Arbi lipi)

(5)रोमन लिपि (Roman lipi)

(6)गुजराती लिपि (Gujrati lipi)

(7)बंगाली लिपि (Bangali lipi)

(8)तमिल लिपि (Tamil lipi)

(9)चीनी लिपि (Chini lipi)

(10)कांजी लिपि (Kanji lipi)

(11)ब्रेल लिपि (Brel lipi)

अब हम इस सभी लिपि को विस्तार से समझते है।

 

ब्रामही लिपि

 

⇒भारत की सबसे प्राचीन लिपि ब्रामही लिपि ही है।

⇒ब्रामही लिपि की सरुआत सबसे पहले वैदिक आर्यो ने किया था।

⇒गुप्तकाल के समय मे ब्रामही लिपि के दो भेद(प्रकार) हो गई थे।

(i)उत्तरी ब्रामही लिपि

(ii) दक्षिनी ब्रामही लिपि

(i) उत्तरी ब्रामही लिपि

 

⇒उत्तरी ब्रामही लिपि ब्रामही लिपि मे से ही निकली है।

⇒ उत्तरी ब्रामही लिपि से कई सारी लिपि निकली है जैसे की:- देवनागरी लिपि, राजस्थानी लिपि,गुजरती लिपि, महाजनी लिपि और कैथी लिपि।

 

(ii) दक्षिनी ब्रामही लिपि

 

⇒ दक्षिनी ब्रामही लिपि से तमिल लिपि, कलिंग लिपि,तेलुगु लिपि,ग्रंथ लिपि, मलयालम लिपि ये सब लिपि दक्षिनी ब्रामही लिपि से ही निकली है।

ब्रामही लिपि के उदाहरण

⇒सम्राट अशोक के शिलालेख

⇒रुममिंदेई – स्तम्भ लेख

⇒बराबर- ग्रुहा लेख

⇒मनसेहरा – सिलालेख

⇒साहबजगद्री -सिलालेख

⇒मस्को – सिलालेख

⇒कन्धार – द्रीभाषी सिलालेख

 

 देवनागरी लिपि(लोकनगरी लिपि)

 

⇒देवनागरी लिपि ब्रामही लिपि से निकली है।

⇒देवनागरी लिपि को लोकनगरी और हिंदी लिपि भी कहा जाता है।

⇒भारत के संविधान के अनुच्छेद -343(क) मे राजभाषा देवनागरी और हिंदी भाषा होंगी।

⇒इस प्रकार 150 वर्षों (1800-1949ई.) के लम्बे संघर्ष के बाद देवनागरी लिपि हिन्दी भाषा की एकमात्र और अधिकृत लिपि बन गई।

 

देवनागरी लिपि की पहचान

 

⇒देवनागरी लिपि बाये से दाये यानि left to right लिखी जाती है।

⇒देवनागरी लिपि को लिखने के लिए ऊपर शिरोरेखा का उपयोग किया जाता है।

⇒देवनागरी लिपि मे कुल वर्णों की संख्या 52 है।

 

देवनागरी लिपि मे सयुक्ताक्षर का प्रयोग

 

प्रथम प्रयोग:-

द्वारिका प्रसाद सक्सेना के अनुसार देवनागरी लिपि का सर्वप्रथम प्रयोग गुजरात के राजा जयभट्ट (700-800 ई.) के शिलालेख में हुआ।

⇒दुवनागरी लिपि मे कई भाषा का समावेश किया जाता है।

⇒जैसे की:- हिन्दी, संस्कृत, मराठी, नेपाली, नागपुरी, भोजपुरी, कोंकणी,सिंधी, डोगरी, खस, मगही आदि।

 

देवनागरी लिपि मे किये गई सुधार

 

⇒सभी ध्वनि के लिए अलग-अलग वर्ण का उपयोग देवनागरी भाषा मे किया जाने का सुधार।

बाल गंगाधर तिलक ने पहली बार फाट का सुधार किया था।

सावरकर बंधु ने पहली बार देवनागरी भाषा मे ‘अ, आ, इ’ वाली बारखडी का का सुधार किया था।

श्याम सुन्दर दास ने पंचमाक्षर के बदले अनुस्वार का उपयोग करने का सुझाव दिया था।

   जैसे की:-(1)गंड्गा (गंगा) (क,ख,ग,घ,ड)

                (2)पतञ्जलि (पतंजलि) (च,छ,ज,झ,ज)

                (3)कण्ठ (कंठ) (ट,ठ,ड,ढ,ण)

गोरख प्रसाद ने मात्रा को व्यंजन के बाद दाहिने तरफ अलग रखने का सुझाव दिया था।

जैसे की:- कुल को (क ुल)

काशी नागरी प्रचारिणी सभा द्वारा ‘अ’ की बारखडी को अस्वीकार किया था।

गुरुमुखी लिपि(panjabi bhasha ki lipi)

⇒गुरुमुखी का सीधा यही मतलब होता है की गुरु के मुख से निकली हुयी लिपि।

⇒गुरुमुखी लिपि की सरुआत अंगद देव द्वारा की गयी थी।

पंजाबी भाषा गुरुमुखी लिपि से लिखी जाती है।

⇒गुरुमुखी लिपि मे 3 स्वर और 32 व्यंजन के साथ कुल 35 वर्णों होते है।

 

अरबी लिपि

⇒अरबी लिपि right to lift यानि दाये से बाये लिखी जाती है।

⇒अरबी लिपि मे तीन तरह की भाषा का समावेश होता है जैसे की:- अरबी, फारसी, उर्दू,

रोमन लिपि

⇒रोमन लिपि मे अंग्रेजी सहित पश्चिम यूरोप और मध्य यूरोप की सभी भाषा ये आती है।

⇒रोमन लिपि मे अंग्रेजी, जर्मन, फ्रांसीसी, स्पैनिश, पुर्तगाली, इतालवी, डच, स्वीडिश, रोमानियाई आदि भाषा का समावेश होता है।

⇒रोमन लिपि को देवनागरी लिपि की तरह दाये से बाये यानि left to right लिखी जाती है।

⇒रोमन लिपि मे कुल 26 वर्ण होते है जिसमे 5 स्वर और 21 व्यंजन का समावेश होता है।

गुजरती लिपि

⇒गुजराती लिपि नागरी लिपि से उत्पन्न हुई है।

⇒1797 मे पहली बार गुजरती लिपि विज्ञापन मे छापी गई थी।

⇒गुजरती लिपि मे देवनागरी लिपि की तरह सिरोरेखा का उपयोग नहीं होता।

 

बंगाली लिपि

⇒बंगाली भाषा

तमिल लिपि

⇒तमिल भाषा

चीनी लिपि

⇒मंदारिन, कैण्टोनी भाषा

कांजी लिपि

⇒जापानी भाषा

यह जरूर पढ़े : व्याकरण  किसे  कहते  है  और  व्याकरण  के  भेद ?

ब्रेल लिपि

 

⇒ब्रेल लिपि को दुनिया भर मे अंधे(नेत्र हिन) लोगो को पढने और लिखने मे उपयोग लिया जाता है।

⇒ब्रेल लिपि का अविष्कार 1884 मे एक नेत्रहीन फ्रांसीसी लेखक लुइ ब्रेल ने 15 साल की आयु मे किया था।

⇒ब्रेल लिपि मे 6 बिंदु के उपयोग से 64 अक्षर और चिन्हो का समावेश होता है।

⇒ब्रेल लिपि का उपयोग पूरी दुनिया मे किया जाता है जो अंधे लोग होते है वह इनका उपयोग करते है।

⇒आधुनिक ब्रेल लिपि मे 8 बिंदु और 256 अक्षर,संख्या, विराम चिन्हो जैसे कई चीजों को पढ ने की व्यवस्था है।

 

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अगर आप लिपि के बारे मे ज्यादा जानना चाहते है to please comment करें….

 

 

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