Samas in hindi-परिभाषा, भेद और उदाहरण

By | February 12, 2021

Samas(समास) in hindi

समास किसे कहते है(samas kise kahte hai)

Samas in hindi

 

शब्दो के निर्माण की विधि को समास कहते है।दूसरे शब्द मे कहे तो दो या दो से अधिक(ज्यादा) शब्दो के समूह से कोई एक नया शब्द बनता है उसे समास कहते है।

समास सिखने से पहले हमें कुछ शब्दो के बारेमे सीखना अति आवश्यक है जिसे हम समास को अच्छी तरह से सिख सके।जैसे की…

➡समस्त पद

➡पूर्व पद

➡उतर पद

➡समास विग्रह

अब हम इस चार(4) शब्दो को समझ ते है।

समस्त पद

समस्त पद क्या है?

जब दो शब्दो से ज्यादा शब्द से मिलकर जो नया शब्द बना है उसे समस्त पद कहते है।

परिभाषा(व्याख्या):-समास विधि से बना नया शब्द समस्त पद कहेलाता है।

जैसे की:- राजकुमार, रसोई घर

पूर्व पद

पूर्व पद क्या है?

परिभाषा:-जब समस्त पद बनजाता है तो उनके पहले पद को पूर्व पद कहते है

जैसे की:- राजकुमार मे राज पूर्व पद कहा जाता है।

रसोई घर मे रसोई को पूर्व पद कहते है।

उतर पद

उत्तर पद क्या है?

परिभाषा(व्याख्या):-जब समस्त पद बनता है तो उनके दूसरे पद उत्तर पद कहेलाता है।

जैसे की:- राजकुमार मे कुमार को उत्तर पद कहते है।

रसोई घर मे घर को उत्तर पद कहते है।

समास विग्रह

समास विग्रह क्या है?

परिभाषा(व्याख्या):-समस्त पद का विस्तृत रूप को ही समास विग्रह कहते है।

जैसे की:-

राजकुमार= राजा का कुमार

रसोई घर= रसोई बनाने का घर

यह भी जरूर पढ़े: संज्ञा किसे कहते है और इनके भेद क्या है?

समास के भेद(samas ke bhed)

Samas ke bhed

समास के मुख्यत्वे छे(6) प्रकार(भेद) होते है।लेकिन परिभाषा के आधार पर चार(4) प्रकार होते है।

(1)अव्ययीभाव समास

(2)द्वन्द समास

(3)बहुव्रीहि समास

(4)तत्पुरुष समास

(5)द्विगु समास

(6)कर्मधाराय समास

अब हम सभी समास के प्रकार को अच्छे से सीखते है।

 

अव्ययीभाव समास

 

परिभाषा(defination):- जिस मे पूर्व पद अव्यय या कोई उपसर्ग हो तथा प्रधान हो उसे अव्ययीभाव समास कहते है

जैसे की:- उदाहरण

प्रतिदिन = इसमें प्रति उपसर्ग है।

आजीवन= इसमें आ उपसर्ग है।

प्रतिदिन = प्रति + दिन

यथासंभव=यथा + संभव

प्रतिकुल= प्रति + कुल

Note: एक ही शब्द ज्यादा बार आता है तो उसे भी अव्ययीभाव समास कहते है।

हाथो-हाथ = हाथा + हाथ

दिनों-दिन= दिन + दिन

 द्वंद समास

 

परिभाषा(व्याख्या):- जिस समास मे पूर्व पद और उत्तर पद प्रधान हो और उसका विग्रह करने पर दोनों शब्दो के बीचमे ‘और’ या फिर ‘या’ आता है उसको द्वंद समास कहते हैं।

➡ द्वंद समास मे दोनों शब्द के बीचमे झगड़ा का आभास होता है।इनमे दोनों शब्दो का अधिक महत्व होता है।

जैसे की:-

लाभ-हानि= लाभ और हानि

माता-पिता= माता और पिता

दिन-रात= दिन और रात

अंदर-बाहर= अंदर या बाहर

देवसूर= देव और अशुर

हवा-पानी= हवा और पानी

बहुव्रीहि समास

परिभाषा(defination):- जिस समास मे पूर्व और उत्तर दोनों पद गौण होते है और दोनों को मिलाके कोई दूसरे पद को प्रधान बनायते है बहुव्रीहि समास कहते है।

जैसे की:-

घनश्याम= श्री कृष्ण

चतुर्भुज= विष्णु जी

मुरलीधार= मुरली को धारण करने वाला = श्री कृष्ण

यहाँ घनश्याम मे पूर्व पद और उत्तर पद गौण है और इन दोनोको मिलाके नये पद यानि कृष्ण को प्रधान पद बनाते है।वैसे ही चतुर्भुज मे दोनों पद गौण है और इनको मिलाके नया पद विष्णु बनाया है।

तत्पुरुष समास

परिभाषा(defination):- जिन दिए गई समास मे पूर्व पद गौण यानि की कम महत्व वाला और उत्तर पद प्रधान हो और कारक चिन्ह का लोप होता है उसको तत्पुरुष समास कहते है।

तत्पुरुष समास की पहचान कैसे करे

➡समास विग्रह मे कारक चिन्ह का लोप हो जाता है।

युद्धक्षेत्र= युद्ध का मैदान [‘का’लोप होता है]

राजकुमार= राजा का कुमार [‘का’ लोप होता है]

रसोईघर=रसोई का घर

यशप्राप्त = यश को प्राप्त

करुणा पूर्ण=करुणा से पूर्ण

 तत्पुरुष समास के भेद(tatpurush samas)

तत्पुरुष समास के 6 भेद होते हैं।

(1) कर्म तत्पुरुष समास

जिसमे ‘को’ शब्द का लोप होता है।

(2)करण तत्पुरुष समास

जिसमे ‘से’ या ‘ के द्वारा’ शब्द का लोप होता है।

(3)संप्रदान तत्पुरुष समास

जिसमे ‘के लिए’ शब्द का लोप होता है।

(4)अपादान तत्पुरुष समास

जिसमे ‘से’ शब्द का लोप होता है।

(5)सम्बध  समास

जिसमे ‘का’,’की’ या ‘के’ शब्द का लोप तत्पुरुषहोता है।

(6)अधिकरण तत्पुरुष समास

जिसमे ‘मे पर’ शब्द का लोप होता है।

कर्मधाराय समास

परिभाषा(defination):- जिस मे पूर्व पद गौण और उत्तर पद प्रधान हो और दोनों पड़ो की बिच मे अपमान-अपमेया तथा विशेषण-विशेस्य का सम्बन्ध हो इसको कर्मधाराय समास कहते है।

➡कर्मधाराय समास का विग्रह करने पर उसके माध्य मे ‘है जो’ या ‘के सामान’ शब्द आता है।

जैसे की:-

कालीमाणी = काली है जो माणी

महापुरुष= महान है जो पुरुष

द्विगु समास

परिभाषा(defination):- जिस समास का पूर्व पद गौण हो और उत्तर पद प्रधान हो और उसमें पूर्व पद संख्यावाचक हो उसे द्विगु समास कहते हैं।

जैसे की:-

तिराहा = तीन रस्ते(राहो) का समूह

चौराहा = चार राहो का समूह

यहाँ जरा ऊपर वाले उदाहरण मे देखिये की पहला शब्द यानि तीन और चार आते है इसी लिए इसको द्विगु समास कहते हैं।

यह भी जरूर पढ़े: व्याकरण किसे कहते है और इनके भेद क्या है?

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अगर hindi व्याकरण या किसी दूसरे कोई सवाल है तो आप निःसंकोच हमें comment करके पूछे।

 

 

 

 

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