जानिए क्या होता है UTR Number, क्यों होती है इसकी जरूरत

By | November 5, 2021

जानिए क्या होता है UTR Number, क्यों होती है इसकी जरूरत – आज का समय ऐसा है, जिसमे लगभग हर इंसान अपने ज्यादातर काम ऑनलाइन ही निपटा रहा है। इसकी वजह से उसका समय तो बचता ही है और साथ ही कुछ पैसों की भी बचत हो जाती है। यही हाल बैंकों का भी है। आज बैंकों के ज्यादातर काम भी ऑनलाइन ही किये जा रहे हैं। फिर चाहे वह केवाईसी हो या फिर किसी भी तरह का फण्ड ट्रांसफर करना हो। इसके अलावा भी कई और काम हैं, जिन्हें लोग बैंकों की ऐप्प के जरिए ही ऑनलाइन निपटा रहे हैं। आप बैंकों के हर काम भले ही ऑनलाइन निपटा रहे हों लेकिन क्या कभी आपने UTR नंबर के बारे में सुना है? अगर आपने इस नंबर के बारे में नहीं सुना है, तो आपको बता दें कि जो लोग बैंकों में ऑनलाइन फण्ड ट्रांसफर करने का काम करते हैं। उन्हें इस नंबर की जरूरत होती है।

ऐसे में आपको UTR Number के बारे में सारी जानकारी पता करनी चाहिए। इस पोस्ट के जरिए आज हम आपको UTR नंबर से जुड़ी सारी जानकारी देने जा रहे हैं। आपको हम बताएंगे कि आखिर यह नम्बर क्या होता है और इसका मतलब क्या है और इसका इस्तेमाल कहां किया जाता है।

क्या होता है UTR नंबर

बैंक से जुड़े ऑनलाइन फण्ड ट्रांसफर में इस नंबर की जरूरत होती है। UTR नंबर का फुल फॉर्म होता है-Unique Transaction Reference number। इसका हिंदी में मतलब होता है- अद्वितीय लेन-देन संदर्भ संख्या या विशिष्ट लेन-देन संदर्भ संख्या। आपको आसान भाषा में इसका मतलब समझाते हैं। दरअसल जब आप अपने बैंक से किसी को भी फंड ट्रांसफर करते हैं, तो अगर ट्रांसफर होने के बाद पैसा लाभार्थी के खाते में नहीं जाता। तो आपको इसकी शिकायत बैंक में या फिर कस्टमर केअर पर करनी पड़ती है। शिकायत करने पर आपसे इस लेन देन का UTR नंबर पूछा जाता है। इसकी सबसे खास बात यह है कि दुनिया में किसी भी दूसरे ट्रांजेक्शन का सामान नम्बर नहीं हो सकता है। इसलिए यह नम्बर बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण है। साथ ही इस कोड में आपके बैंक का IFS कोड, लेन देन का समय और उसकी तारीख जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां छिपी होती हैं।

UTR नम्बर में कौन सी जानकारियां छिपी होती हैं?

सबसे पहले तो आपको बता दें कि पहले जहां केवल NEFT और RTGS के जरिए ही फंड ट्रांसफर किया जाता था, तो वहीं अब गूगल पे समेत कई ऑनलाइन मोड हैं, जिनसे आप आसानी से फंड ट्रांसफर कर सकते हैं लेकिन UTR नम्बर की जरूरत केवल NEFT और RTGS में ही होती है और यह नम्बर भी इन्ही लेन देन के लिए जारी होता है। अब आपको बताते हैं कि आखिर UTR नम्बर में कौन कौन सी जानकारियां छिपी होती हैं।

दरअसल NEFT और RTGS दोनो के लिए ही अलग अलग UTR नम्बर जारी होता है। NEFT के लिए जहां 16 नम्बर का UTR नम्बर जारी होता है, तो वहीं RTGS के लिए 22 अंकों का UTR नम्बर जारी होता है।

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NEFT का UTR नम्बर

NEFT का फुल फॉर्म होता है- National Electronic Funds Transfer। दो बैंक अकाउंटों के बीच ऑनलाइन पैसा ट्रांसफर करने की सुविधा देने के लिए RBI ने नवंबर 2005 में इसकी शुरुआत की थी। जिसके बाद से यह लोगों के बीच इतना ज्यादा फेमस हुआ कि बीते दिसम्बर 2019 से इसे 24 घंटे के लिए उपलब्ध कर दिया गया।

NEFT के लिए जो UTR नम्बर जारी होता है। उसमें 16 डिजिट होती हैं। शुरू के चार अंक, पैसा भेजने वाले बैंक के IFSC कोड को दर्शाते हैं। जिसमें अगला एक अंक लेन-देन में इस्तेमाल हुए सर्वर को दर्शाता है। इसके बाद अगले दो अंक वर्ष के लिए होते हैं, जैसे 19 का मतलब है 2019।

जबकि इसके बाद के अगले तीन अंक जुलियन दिन संख्या को दर्शाते हैं। यह जुलियन काल के प्रारंभ से अब तक की दिन संख्या होती है। अंत में अगले छह अंक, उस ट्रांजेक्शन के sequence number को दर्शाते हैं, जो आपने किया है।

RTGS का UTR नम्बर

RTGS का पूरा नाम होता Real Time Gross Settlement है। दरअसल Real Time से मतलब है कि पैसा ठीक उसी समय ट्रांसफर हो जाएगा, जिस समय लेन-देन किया गया होगा।

Gross settlement का मतलब है कि, जितनी भी रकम एक ट्रांजेक्शन के लिए है, सिर्फ उतने फंड को तुरंत ट्रांसफर कर दिया जाएगा।

आपको बता दें कि RTGS में 22 नंबर का UTR नम्बर जारी होता है। जिसमे शुरुआत के 4 अंक पैसा भेजने वाले बैंक के IFSC कोड को बताते हैं। इसके बाद R लिखा होता है, जिसका मतलब है कि यह ट्रांजेक्शन RTGS से जुड़ा है। इसके बाद आपको जो अंक दिखेगा, वह उस ट्रांजेक्शन के चैनल का पता बताता है। जैसे कि, इंटरनेट बैंकिंग के लिए 1, ट्रेजरी के लिए 3, एटीएम के लिए 4, मोबाइल के लिए 5 होता है। इसके बाद के 4 अंक ट्रांजेक्शन के समय के वर्ष को दर्शाते हैं। जबकि अगले दो अंक ट्रांजेक्शन के समय के महीने की पूरी जानकारी देते हैं। वहीं इसके बाद वाले दो अंक ट्रांजेक्शन के समय की तारीख के लिए होते हैं। वहीं अंत में जोआठ अंक होते हैं। उसमें ट्रांजेक्शन का सीक्वेंस नंबर दर्ज होता है।

इसके अलावा आपको बता दें कि आप NEFT और RTGS से पैसा भेजने के बाद आसानी से UTR नम्बर पता कर सकते हैं। इसके लिए बस आपको उस ट्रांजेक्शन के मिनी स्टेटमेंट में जाना होगा। जहां आपको UTR नम्बर से जुड़ी पूरी जानकारी मिल जाएगी। जिसके जरिये आप भविष्य में कोई समस्या होने पर उसका समाधान भी हासिल कर सकेंगे। दोस्तों ऑनलाइन बैंकिंग के जमाने में UTR नम्बर बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण है। जिसके बारे में आप सभी को पता होना चाहिए।

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